आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस : पुस्तक लेखन में ए॰आई॰ टूल्स की चमत्कारी क्षमतायेँ /AI tools in book writing-1

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस : पुस्तक लेखन में  ए॰आई॰ टूल्स की चमत्कारी क्षमतायेँ /AI tools in book writing-1

AI tools in book writing-1


आवश्यक चर्चाओं का पुनर्वलोकन - आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को जिस तरह से ग्लोबल इंडस्ट्रीज बढ़ावा दे रही हैं उसी की अनुपात में नौकरी की अपार संभावना को खोज रहे लोग भी इसके प्रति तेजी से आकर्षित हो रहे हैं । आपको जानकारी के लिए बताना चाहता हूँ कि पूरे विश्व में जितना बड़ा व्यापार हथियारों को लेकर है उससे कहीं ज्यादा बड़ी इंडस्ट्रीज शिक्षा और रिसर्च से जुड़ी हुई है । शैक्षिक सत्रों में पुस्तकों का सबसे बड़ा योगदान होता है , जिसमें वैश्विक स्तर पर सैकड़ो भाषाओं में कोर्स मेटेरियल के अतिरिक्त मौलिक, अनूदित या शोध आदि से संबन्धित पुस्तकों की खरीद और बिक्री में मिलियन्स आफ डॉलर का आवागमन होता है । यह एक बड़ा कारण है कि सोने का अंडा देने वाली, व्हाइट कालर इस इंडस्ट्रीज का भी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की तरफ रुझान का बढ़ना तेज और जायज दिख रहा है ।

मैंने अपने आलेख “मौलिक पुस्तकों की महत्ता” में यह समझने का प्रयास किया था कि एक तरफ विशेषज्ञ आदि के लिए ए॰आई टूल्स समय और श्रम की बचत करने में सहायक होगा । ऐसे में व्यक्तिगत अनुभव , अध्यन का होना ए॰आई टूल्स उपयोग कर्ताओं के लिए नितांत जरूरी होगा इसलिए ए॰आई टूल्स के समानान्तर पुस्तकों की महत्ता अब पहले से ज्यादा रहेगी जिसके द्वारा लेखन को चेक एंड बेलेन्स किया जा सकेगा । इसी के साथ ही पिछले आलेख में मैंने ए॰आई से बनी पुस्तकें बनाम मौलिक पुस्तकें के माध्यम से जाना कि ए॰आई टूल्स फिलहाल अपने असत्यपित और फेब्रिकेटेड तथा जोड़ तोड़ से बने ग्रन्थों के साथ मौलिक ग्रंथो के सामने टिक नहीं सकेगा । कापी राइट तथा बौद्धिक सम्पदा के कानूनी मामलों के कारण इसकी साख पर हमेशा प्रश्न चिन्ह रहेगा ही ।

कृतिमता और मौलिकता के बीच विश्वास की सुई -

भरोसा अपने आप में किसी भी इंडस्ट्रीज के बैनर की पहली लाइन में आता है । बिना साख और विश्वास के कुछ भी अपनाया जाना संभव नहीं है । कृतिम बुद्धिमत्ता रोबोट की श्रेणी का विस्तार है इस रूप में लोग इस पर अभी भरोसा कर पा रहे हैं । गौर तलब है कि इंजीनियरिंग या टेक्नोलाजी की अपनी विशेषता और कमियाँ रहती हैं शायद इसीलिए हर 3 से 5 वर्ष के बीच बड़ा बदलाव दिखने में आता है । टेक इंडस्ट्रीज में परिवर्तन – परिवर्धन एवं परिमार्जन विकास की धुरी का हिस्सा बने ही रहते हैं । ए॰ आई॰ टूल्स के साथ भी उसकी सीमाएं हैं , उसकी कार्य क्षमता की भी लिमिट है । साथ ही ए॰ आई॰ टूल्स अभी भी विकास यात्रा कर रहे हैं इसलिए आज यह सोचने की बात है कि हम सब कुछ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के भरोसे छोड़ नहीं सकते हैं । हमें अपनी मौलिक क्षमताओं को लगातार अभ्यास कर निखारना ही होगा । यह तो सर्व विदित है कि कृतिम पश्चुराइज़ दूध की अपेक्षा दुधारू पशु को सामने से निकाला दूध हर प्रकार से बेहतर होता है क्यों कि कृतिम तो आखिर कृतिम ही होता है । मौलिक लेखन से जुड़े विषय को आज हम नए दृस्टिकोण से परखेंगे । पुस्तक लेखन में  ए॰ आई॰ टूल्स और उनकी क्षमता को समझने का प्रयास करेंगे । 

लेखन के लिए उपलब्ध आई॰ टूल्स और उनकी क्षमता एवं प्रकार :

1.  ए.आई जीपीटी-3 (AI GPT-3) इसे जेनेरिक प्री-ट्रेंड ट्रांसफ़ॉर्मर 3 कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित भाषा से संबन्धित टूल्स है जो मौलिक लेखन जैसा लेख पैदा करने के लिए डीप लर्निंग का उपयोग करता है। यह सैन फ्रांसिस्को की कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा बनाई गई जीपीटी-एन  में तीसरी पीढ़ी की भाषा टूल्स है। आज की तारीख में तमाम आई॰टी कंपनीज़ द्वारा 'एपीआई' के माध्यम से पुस्तक हेतु विषय, चैप्टर, ग्राफ, खोज रिपोर्ट आदि समिग्री को तत्काल बनाने के लिए इसका उपयोग हो रहा है । किसी सॉफ्टवेयर का अप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस या 'एपीआई' वह इंटरफेस है जो उस सॉफ्टवेयर के साथ दूसरे सॉफ्टवेयरों के जुड़ने और उसका उपयोग करने के लिये प्रयुक्त होता है। अतः GPT-3 अगली पीढ़ी के इस प्रकार के ऐप्स को ताकत देता है सैकड़ों एप्लिकेशन एपीआई के माध्यम से जीपीटी-3 संचालित खोज, वार्तालाप, पाठ पूर्णता और अन्य उन्नत एआई सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। इस के माध्यम से निर्मित लेख मानव-लिखित सामग्री जैसा होता  है। इसका उपयोग ड्राफ्ट तैयार करने, विचारों पर विचार-मंथन करने या यहां तक कि संपूर्ण अध्याय बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

2.  एआई रीडसी (AI reedsy) एक अविश्वसनीय लेखन टूल है जो नए और स्थापित लेखकों को एक ही स्थान पर अपनी पुस्तक को संपादित करने के प्रोफेशनल फॉन्ट आदि के साथ वाक्यों को बनाने में सहायक है । रीडसी के द्वारा खूबसूरत पुस्तकें तैयार की जा सकती है । रीडसी की स्थापना 2014 में इमैनुएल नताफ, रिकार्डो फेयेट, विंसेंट डूरंड और मैट कॉब के संयुक्त प्रयास से की गयी थी । अब तक 1 मिलियन से अधिक लेखकों और 3,700 फ्रीलांस स्तम्भ लेखकों को जोड़ा है । इस माध्यम से हर साल 15,000 से अधिक किताबें बाजार में पहुँच रहीं हैं । हालांकि रीडसी के दावे के अनुरूप काम नहीं है फिर भी भाषा के टूल्स में रीडसी एक महत्वपूर्ण ए॰आई टूल है ।

3.   ए.आई ग्रामरली (AI Grammarly) आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का सहायक टूल है जो आपके लेखन के दौरान ही यानि रियल टाइम या वास्तविक समय आपको लिखने के सुझाव और विकल्प देता चलता है । इसके माध्यम से कोई शोध पत्र , निबंध आदि कुछ भी लिखें । यह मात्र कुछ क्लिक करने पर ही भाषा शिल्प त्रुटियों , टाइपो, व्याकरण संबंधी गलतियों और गलत विराम चिह्नों को हटाने में मदद करता है । इसके साथ ही यह कापी राइट के नियमों के उलंघन को भी बताता है । लेखन की गुणवत्ता के साथ सुझाव और विकल्प देना इसकी विशेषता है ।

 

क्रमशः – यह आलेख अभी जारी है देखिये अगले अंक में ....

 -    अवधेश सिंह [ लेखक, दूरसंचार विभाग के अंतर्गत सूचना तकनीक, कंप्यूटरी करण, सेल्यूलर मोबाइल स्वीचिंग विधा के विशेषज्ञ रहे है ] [9450213555]

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